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खांसी के पà¥à¤°à¤•ार (Types of Cough) कितने हैं?
खांसी के पà¥à¤°à¤•ार के बारे में बात करें उससे पहले बता दें कि ओहियो सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ वेकà¥à¤¸à¤¨à¤° मेडिकल सेंटर में कफ कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• के à¤à¤®à¤¡à¥€, डॉयरेकà¥à¤Ÿà¤°, जोनाथन पारà¥à¤¸à¤¨à¥à¤¸ का कहना है, “खांसी वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को साफ करने का à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तंतà¥à¤° है।†हालांकि बार-बार खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾ होना या लंबे समय तक खांसी आना सेहत के लिठघातक हो सकती है।
1. गीली खांसी
गीली खांसी में खांसते वकà¥à¤¤ मà¥à¤‚ह में बलगम आता है। गीली खांसी होने पर गले, नाक, वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— और फेफड़ों से बगलम आता है, जिसे शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° बाहर निकलता है। गीली खांसी का कारण आमतौर पर सरà¥à¤¦à¥€ या फà¥à¤²à¥‚ होता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ धीमी या तेजी से बढ़ सकते हैं और अधिकतर मामलों में यह अपने आप ही कà¥à¤› दिनों में ठीक à¤à¥€ हो जाती है। गीली खांसी के कारण बहती नाक (Running nose), थकान (Fatigue), गले और सीने में दरà¥à¤¦ (Neck and chest pain) की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
2. सूखी खांसी
सूखी खांसी में खांसने के दौरान बलगम नहीं आता है। इसके कारण गले में सूजन या जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। सूखी खांसी में खांसने का समय गीली खांसी से अधिक होता है। सूखी खांसी आमतौर पर सरà¥à¤¦à¥€ या फà¥à¤²à¥‚ के कारण सांस के बाहरी मारà¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के कारण होती है।
3. काली खांसी या कंपकंपी वाली खांसी
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, साल 2010 से 2014 के बीच अमेरिका में कंपकंपी वाली खांसी के कारण लगà¤à¤— 40,000 मौतें हà¥à¤ˆ थी। कंपकंपी वाली खांसी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठअधिक घातक हो सकती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, यह खांसी बड़ी होती है और इसके बाद à¤à¤• लंबी सांस आती है। इसके खांसने को रोकना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। यह शरीर को थकावट और दरà¥à¤¦ देने वाली खांसी का पà¥à¤°à¤•ार होती है। इसमें खांसने के दौरान à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
4. à¤à¥Œà¤‚कने वाली खांसी या कà¥à¤°à¥à¤ª खांसी
à¤à¥Œà¤‚कने वाली खांसी या कà¥à¤°à¥à¤ª खांसी वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में वायरस होने के कारण होता है। आमतौर पर यह 5 साल या उससे छोटी उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में सूजन के कारण सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसके आलाव वॉयस बॉकà¥à¤¸ में और उसके आस-पास सूजन होने के कारण आवाज à¤à¥€ खराश वाली हो जाती है, जिसकी वजह से इसे à¤à¥Œà¤‚कने वाली खांसी à¤à¥€ कही जाती है।
5. पोसà¥à¤Ÿ-वायरल खांसी
खांसी के पà¥à¤°à¤•ार में वायरल खांसी, गले की सूजन के कारण ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पथ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के कारण होने वाली सबसे आम समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। आमतौर पर इसके इस खांसी के पà¥à¤°à¤•ार के उपचार के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° रोगियों के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के सेवन की सलाह नहीं देते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पोसà¥à¤Ÿ-वायरल खांसी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण नहीं होती है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि खांसी के दौरान à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ का सेवन तà¤à¥€ करना चाहिà¤, जब खासी के पà¥à¤°à¤•ार का कारण बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो। इसलिà¤, संकà¥à¤°à¤®à¤£ से होने वाली खांसी के उपचार के लिठचिकितà¥à¤¸à¤• बेचैनी से राहत पाने के लिठडेकà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤¥à¥‹à¤°à¥à¤«à¤¨ या मेनà¥à¤¥à¥‰à¤² यà¥à¤•à¥à¤¤ कफ सिरप की सिफारिश कर सकते हैं। यह आम तौर पर आपको किसी à¤à¥€ मेडिकल सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° पर मिल सकती है।
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